402 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी, लेकिन मौके पर सन्नाटा! आखिर किसके नाम पर चल रहा लाखों का खेल
*बदुँवा ग्राम पंचायत के चार कार्यों पर बड़े सवाल, पोर्टल पर सैकड़ों मजदूर दर्ज, जमीनी पड़ताल में काम नदारद होने का आरोप* जालौन के नदीगांव ब्लॉक की बदुँवा ग्राम पंचायत एक बार फिर सवालों के घेरे में...
*बदुँवा ग्राम पंचायत के चार कार्यों पर बड़े सवाल, पोर्टल पर सैकड़ों मजदूर दर्ज, जमीनी पड़ताल में काम नदारद होने का आरोप*
जालौन के नदीगांव ब्लॉक की बदुँवा ग्राम पंचायत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। VB-G RAM G पोर्टल पर एक ही दिन चार अलग-अलग विकास कार्यों में कुल 402 मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज दिखाई गई। लेकिन मीडिया की जमीनी पड़ताल में कई कार्यस्थलों पर अपेक्षित गतिविधियां दिखाई नहीं दीं। अब सवाल यह है कि यदि पोर्टल पर सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे, तो मौके पर उनकी मौजूदगी क्यों नहीं दिखी?
चारों कार्यों में अलग-अलग मस्टर रोल और एनएमएमएस हाजिरी दर्ज है। इनमें सर्वऋतु संपर्क मार्ग निर्माण और नाला/गूल खुदाई जैसे कार्य शामिल हैं। पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति और जमीनी स्थिति में अंतर के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एनएमएमएस ऐप से दर्ज हाजिरी का भौतिक सत्यापन किया गया? क्या जियो-टैग फोटो, लोकेशन और वास्तविक मजदूरों का मिलान हुआ? क्या मस्टर रोल में दर्ज सभी श्रमिक वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद थे?
यदि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े सही हैं तो मौके पर काम क्यों नहीं दिखा, और यदि जमीनी स्थिति सही है तो ऑनलाइन हाजिरी किस आधार पर दर्ज हुई?
यह मामला केवल एक ग्राम पंचायत तक सीमित है या पूरे विकासखंड में इसी तरह की व्यवस्था चल रही है? इसकी निष्पक्ष जांच की मांग अब तेज होती जा रही है।
यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता मिलती है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? ग्राम पंचायत, तकनीकी कर्मचारी, रोजगार सेवक, सचिव या संबंधित अधिकारी—यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
402 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी, जमीनी हकीकत क्या?
चार कार्य, चार मस्टर रोल, लेकिन मौके पर क्या मिला?
एनएमएमएस की फोटो और लोकेशन का सत्यापन हुआ?
जियो टैग और वास्तविक मजदूरों का मिलान किसने किया?
क्या सरकारी धन का सही उपयोग हुआ?
पूरे नदीगांव ब्लॉक की जांच होगी?
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