जयपुर में वी.आई.पी. मार्ग खाली कराने के दौरान महिला पथ-विक्रेता को कारित जलन की चोटें — NHRCCB ने NHRC, NCW एवं राजस्थान पुलिस महानिदेशक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई
प्रेस विज्ञप्ति तत्काल प्रकाशनार्थ जयपुर में वी.आई.पी. मार्ग खाली कराने के दौरान महिला पथ-विक्रेता को कारित जलन की चोटें — NHRCCB ने NHRC, NCW एवं राजस्थान पुलिस महानिदेशक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई...
प्रेस विज्ञप्ति
तत्काल प्रकाशनार्थ
जयपुर में वी.आई.पी. मार्ग खाली कराने के दौरान महिला पथ-विक्रेता को कारित जलन की चोटें — NHRCCB ने NHRC, NCW एवं राजस्थान पुलिस महानिदेशक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई
मानवाधिकार संगठन ने दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन, स्वतंत्र जाँच, निःशुल्क चिकित्सा एवं पीड़िता को प्रतिकर की माँग की
जमशेदपुर / जयपुर, [दिनांक]: नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NHRCCB) ने 19 जून, 2026 को जयपुर में एक वी.आई.पी. काफिले हेतु मार्ग खाली कराने के अभियान के दौरान एक 27 वर्षीय महिला पथ-विक्रेता को कथित रूप से कारित गंभीर जलन की चोटों के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तथा पुलिस महानिदेशक, राजस्थान के समक्ष औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई हैं तथा त्वरित कार्रवाई की माँग की है।
पीड़ित परिवार द्वारा दिनांक 22 जून, 2026 को दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट तथा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री के काफिले के आवागमन से पूर्व, जगतपुरा स्थित महल रोड पर विक्रेता को अपनी गाड़ी तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया। खौलते पानी से भरे स्टीमर को सुरक्षित रूप से हटाने हेतु क्षण भर का समय कथित रूप से माँगे जाने के बावजूद, एक पुलिसकर्मी ने कथित रूप से बलपूर्वक गाड़ी को धक्का दे दिया, जिससे खौलता पानी पीड़िता पर गिर गया और उसके हाथों, सीने, उदर एवं जाँघों पर गंभीर जलन की चोटें आईं। घटनास्थल पर उपस्थित पुलिसकर्मी कथित रूप से बिना आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराए चले गए, तथा प्रथम सूचना रिपोर्ट के पंजीकरण से बचने हेतु परिवार को आर्थिक समझौते का प्रलोभन देने का प्रयास भी रिपोर्ट किया गया।
NHRCCB के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव श्री विनय चंद्र ने कहा, “वी.आई.पी. आवागमन की सुरक्षा-व्यवस्था किसी नागरिक के प्राण, गरिमा अथवा आजीविका की कीमत पर कदापि नहीं हो सकती। अपनी रोज़ी कमा रही एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई और कथित रूप से उसे सहायता के बिना छोड़ दिया गया। हमने NHRC, NCW एवं पुलिस महानिदेशक से इसलिए संपर्क किया है ताकि मामले की निष्पक्ष जाँच हो और पीड़िता को बिना विलंब न्याय, चिकित्सा एवं प्रतिकर मिले।”
अपनी शिकायतों में NHRCCB ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीकरण; घटनास्थल पर उपस्थित पुलिसकर्मियों के स्वतंत्र जाँच लंबित रहने तक निलंबन; अनुसंधान को सी.आई.डी.-सी.बी. अथवा किसी स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति को स्थानांतरित करने; पीड़िता को निःशुल्क एवं समुचित चिकित्सा; तथा मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अंतर्गत पर्याप्त प्रतिकर की माँग की है। शिकायतों में कहा गया है कि यह घटना प्रथम दृष्टया पीड़िता के प्राण एवं गरिमा के अधिकार (अनुच्छेद 21) तथा आजीविका के अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(छ)) का उल्लंघन है।
NHRCCB ने अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है तथा समर्थन में आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की तत्परता व्यक्त की है।
NHRCCB के बारे में: नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो एक पंजीकृत संगठन है जो नागरिक, मानवाधिकार एवं विधिक-अधिवक्ता कार्यों में संलग्न है।
मीडिया संपर्क: विनय चंद्र, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव, NHRCCB —
संपादकों हेतु टिप्पणी: यह विज्ञप्ति प्रथम सूचना रिपोर्ट एवं मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है; आरोप अभी सिद्ध होने शेष हैं तथा मामला सक्षम अधिकारियों के विचाराधीन है।
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