अपहरण एवं गंभीर मारपीट प्रकरण में साक्ष्य संरक्षण हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सूचना का अधिकार आवेदन
प्रेस विज्ञप्ति अपहरण एवं गंभीर मारपीट प्रकरण में साक्ष्य संरक्षण हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सूचना का अधिकार आवेदन जमशेदपुर, 07 जून 2026। राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB) के क्राइम...
प्रेस विज्ञप्ति
अपहरण एवं गंभीर मारपीट प्रकरण में साक्ष्य संरक्षण हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सूचना का अधिकार आवेदन
जमशेदपुर, 07 जून 2026।
राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB) के क्राइम इन्फॉर्मेशन ऑफिसर (C.I.O.) श्री विनय कुमार चंद्र ने सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित पाटा टोल प्लाजा पर घटित कथित अपहरण एवं गंभीर मारपीट की घटना से संबंधित महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संरक्षण एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के समक्ष सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया है।
अपने आवेदन में श्री चंद्र ने 26 जून 2026 को पाटा टोल प्लाजा एवं उसके आसपास की अवधि शाम 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक की सीसीटीवी फुटेज की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके अतिरिक्त टोल प्लाजा पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की संख्या, उनकी स्थिति तथा रिकॉर्डिंग प्रणाली की डेटा संरक्षण एवं ओवरराइट अवधि की जानकारी भी मांगी गई है।
श्री चंद्र ने आवेदन में उल्लेख किया है कि प्राप्त सूचनाओं के अनुसार उक्त तिथि को पाटा टोल प्लाजा के निकट एक गंभीर आपराधिक घटना घटी थी, जिसमें एक व्यक्ति के अपहरण तथा दूसरे व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है। ऐसी स्थिति में सीसीटीवी फुटेज जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य सिद्ध हो सकती है।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से यह भी अनुरोध किया है कि चूंकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग एक निर्धारित अवधि के पश्चात स्वतः नष्ट अथवा ओवरराइट हो जाती है, इसलिए संबंधित फुटेज को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित रखा जाए तथा किसी भी परिस्थिति में उसे मिटाया या ओवरराइट न किया जाए, जिससे न्यायिक एवं जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।
इस अवसर पर श्री विनय कुमार चंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अपराध अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। कई मामलों में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग ही घटनाओं की वास्तविकता उजागर करने, दोषियों की पहचान सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाती है। इसलिए ऐसे साक्ष्यों का समय रहते संरक्षण किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम केवल सूचना प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही तथा न्याय सुनिश्चित करने का एक प्रभावी लोकतांत्रिक साधन भी है। यदि किसी सार्वजनिक प्राधिकरण के पास उपलब्ध अभिलेख या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य किसी गंभीर आपराधिक घटना से जुड़े हों, तो उनका संरक्षण जनहित एवं न्यायहित दोनों की दृष्टि से आवश्यक हो जाता है।
राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो ने आशा व्यक्त की है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस आवेदन पर संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ विचार करते हुए आवश्यक अभिलेखों एवं सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखेगा तथा सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
जारीकर्ता :
राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB)
मीडिया संपर्क :
श्री विनय कुमार चंद्र
क्राइम इन्फॉर्मेशन ऑफिसर (C.I.O.)
राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB)
मो.: +91-7004403223
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